Sad True Love Poem In Hindi

Sad True Love Poem On Khuda Itni Si Hai Guzarish


 

Ae khuda itni si hai guzarish,
Ki aaj tu hi ye faisla kar de.

Jee nhi sakte ab or hum,
Mujhe uska ya usse mera kar de.

Dard ki ho gai hai inteha khub,
Ab ye khushi mere mukkadar kar de.

Tadapti hai ruh us se dur reh kar,
Ab to ye duri kam kar de.

Or ager likhi hi nhi wo naseeb me mere,
To khuda tu mujhe khatam kar de.

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आखिर कब तक हादसे का नाम दूँ में फरेब को,
ऐ इश्क तू इश्क नही तमाशा बन के रह गया है.

 

जब भी मिलती है अजनबी लगती है
ऐ ज़िन्दगी तू इतने क्यों रंग बदलती है.

 

मतलबी दुनिया में किन लोगो में गिनू उसको,
जिसने कोई वादा तो ना किया पर निभा सारे गया.

 

खुद की ज़िन्दगी को सेल्फी की तरह बनाना चाह मैंने,
हो हकीकत में कैसी भी…पर कम से कम चहरे पर ख़ुशी तो दिखे.

 

एक ज़रा सा तुम्हे छू लेने की तमन्ना में मुझे ख्याल ना रहा मेरा
पूरी रात जागते हुए बिता दी इतना बेक़रार रहा दिल मेरा.

 

खाली खाली सा हो गया आधा अधुरा दिन मेरा,
तुम क्या गए दूर मुझसे तिनका तिनका चल गया खुशी का मेरा.

 

कई बार बिना लफ्जों के मुलाकात भी अच्छी होती है,
खामोश गुफ्तगू सही पर सुकून दिल को पहुचाती है.

 

जब जब तजुर्बे ने कहा मोहब्बत से किनारा कर ले,
तब तब दिल ने कहा तजुर्बा दुबारा कर ले.

 

मेरी आँखे भी हड़ताल कर बैठी अब तो,
जब तक उससे देख ना ले सोयेंगे नही हम तो.

 

ये ना पूछना ज़िन्दगी ख़ुशी कब देती है,
क्योकि शिकायते तो उन्हें भी है जिन्हें ज़िन्दगी सब देती है.

 

नजरो से नज़रे मिला उसने न जाने कैसी नज़र लगाई,
जिसकी नज़रों में देखा बस वो ही नज़र आई.

काश में भी सिख जाऊं भूल जाने का हुनर,
कोई है जो ज़िन्दगी से चल गया पर दिल से नही.

 

दिल जब सोचता है सोचता ही रह जाता है,
की वो आये क्यों थे ज़िन्दगी में जब उन्हें छोड़ चले जाना था.

 

उसने हमे मोहब्बत में दी बस दो ही निशानी,
एक दिल का दर्द दूसरा आँखों का पानी.

 

एक बार बस बहकती नज़रे किसी को देख कर,
जो इश्क होता है साहेब वो बार बार नही होता.

 

हँसी को बस एक खूँटी पर टांग छोड़ दिया हमने,
कोई आता है तो उतार पहन लेते है.

 

अजीब अजीब से रंग दिखाती है ज़िन्दगी मेरी,
कभी बहार सी आती है तो कभी पतझड़ सी हो जाती है.

 

अपने वजूद से इतराती है ज़िन्दगी मेरी,
लगता है अब मौत से यारी करने पड़ेगी.

 

तरसते रहे तेरे लिए…
बरसते बदलो में…तन्हा रातो में…तेरी यादों में…

 

झलकते है आँसू तो झलक जाने दो,
कोई दीवाना भुला रहा है मोहब्बत का दर्द तो उसे भुलाने दो.

 

मुझे नींद से कोई ज्यादा प्यार तो नही,
पर तेरे ख्वाब ना देखूं तो गुज़ारा नही होता.

 

अगर मालूम होता अंजाम मोहब्बत का,
तो जोश-ऐ-जवानी में ज़िन्दगी ख़राब नही करते.

 

करनी है तो टूट कर करना,
क्योकि मोहब्बत कभी हिसाब से नही होती.

 

में पहचान जाऊंगा तुम्हे तुम्हारी खुशबू से,
तुम एक बार पीछे से आकर मेरी आँखों पर अपने हाथ तो रखो.

 

थोड़े हम, थोड़े तुम, साथ थोड़ी सी मोहब्बत,
बस इतना ही काफी है ये ज़िन्दगी जीने के लिये.